बेटियों के लिए टॉप 8 सरकारी योजनाएं

भारत सरकार बेटियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं चलाती है

सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई): यह एक छोटी बचत योजना है जिसे बेटी के जन्म से 10 वर्ष की आयु तक खोला जा सकता है। योजना में प्रति वर्ष न्यूनतम ₹250 और अधिकतम ₹1.5 लाख जमा किया जा सकता है। योजना पर 7.6% की ब्याज दर मिलती है। बेटी के 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर योजना परिपक्व हो जाती है 

बेटी बचाओ बेटी पढाओ (बीबीबीपी): यह एक केंद्र सरकार की पहल है जिसका उद्देश्य लड़कियों के प्रति जागरूकता पैदा करना और उनकी शिक्षा और सुरक्षा को बढ़ावा देना है। योजना के तहत विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जाती हैं, जैसे कि बेटी के जन्म पर नकद प्रोत्साहन, लड़कियों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, और लड़कियों के लिए आवास योजना। 

उड़ान योजना: यह योजना उन लड़कियों के लिए है जो विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) में अपना करियर बनाना चाहती हैं। योजना के तहत लड़कियों को छात्रवृत्ति, वित्तीय सहायता और मेंटरशिप प्रदान की जाती है 

नारी शक्ति योजना: यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए है। योजना के तहत महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, उद्यमिता विकास और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाते हैं 

महिला हेल्पलाइन 181: यह एक 24x7 हेल्पलाइन है जो महिलाओं को घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न और अन्य प्रकार के उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करती है। 

पॉक्सो अधिनियम: यह अधिनियम बच्चों के यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा के लिए है। अधिनियम के तहत बच्चों के यौन शोषण, दुर्व्यवहार और तस्करी के लिए कठोर सजा का प्रावधान है। 

मातृत्व लाभ योजना: यह योजना गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व और प्रसवोत्तर देखभाल प्रदान करती है। योजना के तहत महिलाओं को नकद प्रोत्साहन और पोषण सहायता प्रदान की जाती है 

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके): यह कार्यक्रम 0 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए है। कार्यक्रम के तहत बच्चों को मुफ्त टीकाकरण, पोषण सहायता और स्वास्थ्य जांच प्रदान की जाती है 

ये भारत सरकार द्वारा बेटियों के लिए चलाई जा रही कुछ योजनाएं हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य लड़कियों को सशक्त बनाना और उन्हें समाज में एक समान स्थान प्रदान करना है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना 2024