तीज का त्यौहार क्यों मनाते हैं
हरतालिका तीज इस बार 18 सिंतबर को
इस दिन शिव जी ने देवी पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकारा था
इसलिए यह व्रत सुहागिनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है
हरतालिका तीज का व्रत शंकर-पार्वती को समर्पित है
कहते हैं पति की लंबी आयु, तरक्की और परिवार की खुशहाली
हर साल की तरह इस साल भी हरतालिका तीज
भाद्रपद मास
शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाएगी
इस तिथि का समय 17 सितंबर को सुबह 11 बजकर 8 मिनट पर शुरू हो रहा है
और 18 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 39 मिनट पर समाप्त हो रहा है
हर त्योहार के लिए उदयातिथि ही मान्य होती है
ऐसे में इस साल हरतालिका तीज 18 सितंबर को ही मनाई जाएगी
मानसून के मौसम में दो प्रकार की तीज मनाई जाती हैं
हरियाली तीज और हरतालिका तीज । हालाँकि दोनों त्योहारों का अर्थ
शिव और पार्वती की कहानियों से प्रेरणा लेता है