ज्यादा ज्ञान से छात्र होता है कंफ्यूज जाने साइकोलॉजी

याद रखने की सीमा: हमारा दिमाग सीमित मात्रा में डेटा को ही याद रख सकता है। जब छात्र बहुत अधिक जानकारी एक साथ ग्रहण करते हैं, तो यह उनके लिए याद रखना मुश्किल हो जाता है

जटिल प्रक्रिया: जानकारी को समझना और उसका विश्लेषण करना एक जटिल प्रक्रिया है। जब छात्रों को बहुत अधिक जानकारी मिलती है, तो वे अभिभूत महसूस कर सकते हैं और विश्लेषण करने में असमर्थ हो सकते हैं।

सीखने की अनूठी शैली: हर छात्र की सीखने की शैली अलग होती है। कुछ छात्र धीरे-धीरे सीखते हैं, जबकि कुछ तेजी से। जब छात्रों को उनकी गति से अधिक जानकारी दी जाती है, तो वे भ्रमित हो सकते हैं 

चीजों को सीखने का क्रम: जानकारी को क्रम में सीखना महत्वपूर्ण है। यदि छात्रों को आधारभूत अवधारणाओं की समझ के बिना जटिल जानकारी दी जाती है, तो वे भ्रमित हो सकते हैं। 

अनिश्चितता: जब छात्रों को बहुत अधिक जानकारी मिलती है, तो वे अनिश्चित महसूस कर सकते हैं कि क्या महत्वपूर्ण है और क्या नहीं 

इससे बचने के लिए कुछ उपाय 

धीरे-धीरे सीखें: अपनी गति से सीखें और जल्दी न करें 

एक समय में थोड़ी जानकारी लें: एक बार में बहुत अधिक जानकारी लेने से बचें 

अवधारणाओं को समझें: केवल जानकारी याद रखने पर ध्यान केंद्रित न करें, बल्कि अवधारणाओं को समझने की कोशिश करें 

अपनी सीखने की शैली को जानें: अपनी सीखने की शैली को समझें और उसी के अनुसार अध्ययन करें 

सवाल पूछें: यदि आपको कोई जानकारी समझ में नहीं आती है, तो प्रश्न पूछने में संकोच न करें 

अभ्यास करें: जो आपने सीखा है उसे नियमित रूप से अभ्यास करें

ज्ञान एक शक्तिशाली उपकरण है 

छात्रों को धीरे-धीरे सीखना चाहिए, एक समय में थोड़ी जानकारी लेनी चाहिए