सावन पूर्णिमा तिथि और रक्षाबंधन 2023 शुभ मुहूर्त

30 अगस्त को राखी बांधने का मुहूर्त रात 9:01 से लेकर 31 अगस्त को सुबह 7:05 तक है

इतिहास के पन्नों को देखे तो इस त्यौहार की शुरुआत की उन्नति लगभग 6000 साल पहले बनाई गई है

इसके कई साक्ष्य भी इतिहास से पन्नों में चार्ज है

रक्षाबंधन की शुरुआत का सबसे पहला साक्ष्य रानी करुणावती व सम्राट हुमायूं है

मध्यकालीन युग में राजपूत वह मुसलमानों के बीच संघर्ष चल रहा था

रक्षाबंधन से संबंधित अन्य कथाए हैं

रक्षाबंधन के दिन सुबह भाई बहन स्नान करके भगवान की पूजा करते हैं

इसके बाद होली अक्षत कुमकुम एवं दीप जलाकर हाथ सजाते हैं

इस थाली  में रंग बिरंगी राखी  को रखकर उनकी पूजा करते हैं

फिर बहनें भाइयों के माथे पर कुमकुम रोली एवं अक्षत से तिलक करती है

इस समय के बाद ही राखी बांधना ज्यादा उपयुक्त रहेगा

भागवत पुराण और विष्णु पुराण में विष्णु द्वारा राजा बलि से तीनों लोकों को जीतने के बाद

राजा बलि विष्णु से अपने महल में रहने के लिए कहते हैं

वह राजा बलि को भाई बनाकर राखी बनती है