माचिस को हिंदी भाषा में क्या कहते हैं 

माचिस इंग्लिश संज्ञा स्त्रीलिंग दीयासलाई ; सलाई

अभी तक देश में माचिस का दाम Matchbox Price Hike 1 रुपया था

 लेकिन 1 रुपये में 50 बार रोशनी करने वाली ये 

 माचिस बुधवार 1 दिसंबर 2021 से 2 रुपये की हो गई है

. इससे पहले 2007 में माचिस की कीमत बढ़ाकर 1 रुपये की गई थी 

 और उससे पहले ये महज 50 पैसे में आती थी

माचिस का आविष्कार 31 दिसंबर 1827 में हुआ था

 आविष्कार करने वाले वैज्ञानिक का नाम जॉन वॉकर है,

जो ब्रिटेन के वैज्ञानिक थे. जॉन वॉकर ने 1827 में सबसे

 पहले पत्थर को रगड़ने से जलाई जाने वाली आग को माचिस

उन्होंने एक ऐसी तीली बनाई, जिसे किसी भी खुरदरी जगह पर रगड़ने से वह जल उठती थी.

माचिस की तीली की सतह में लाल फास्फोरस होता है

 और माचिस की तीली के ऊपर पोटेशियम क्लोरेट होता है

 माचिस की तीली में एंटीमनी सल्फाइड, सल्फर, पोटेशियम क्लोरेट जैसे रसायन मौजूद होते हैं।