कैसे बनकर तैयार हुई थी चीन की महान दीवार ? देखिए तस्वीर 

शुरुआत में स्थापित उद्देश्य - दीवार का निर्माण उस समय पर शुरू हुआ जब मुगल साम्राज्य के अधीन चीन के उत्तरी हिस्से में लगातार आक्रमण हो रहे थे।

अवधि - इसका निर्माण 7वीं से 16वीं शताब्दी के बीच में हुआ था।

विस्तार - दीवार का कुल लंबाई लगभग 13,171 मील यानी की लगभग 21,196 किलोमीटर था।

मूल नाम - इसे चीनी में "चांगचें" या "लंबी दीवार" कहा जाता है।

निर्माण सामग्री - इसमें प्रायः पत्थर, ईंट और ईंट का प्रयोग हुआ था।

मुगल आक्रमण से सुरक्षा - इसका मुख्य उद्देश्य बार्बर सम्राटों के आक्रमण से राष्ट्र को सुरक्षित रखना था।

अवस्थिति - दीवार उत्तरी चीन के हिमालयी पहाड़ों के मुख्य रूप से अंचलों में बनी हुई थी।

महत्वपूर्ण स्थल - यह दीवार मुगल सम्राट और उनकी सेना के प्रवेश को रोकने के लिए महत्वपूर्ण स्थल था।

दीवार के अलग-अलग भाग - इसमें चीनी दीवार के अलग-अलग भाग जैसे की बादलिंग, ग्रेट वॉल, आदि थे।

काम का तरीका - दीवार का निर्माण आदमी हाथ से हुआ था जिसमें स्थानीय निवासियों और भीमसेनी सैनिकों का योगदान था।

महान आईना - यह विश्व का सबसे बड़ा मानव निर्मित आईना है जिसे दूरबीनों से भी देखा जा सकता है।

इतिहास में अत्यधिक महत्व - इसे दुनिया के आधिकारिक साइट्स में से एक के रूप में माना जाता है।

कठिन परिस्थितियों में निर्माण - इसका निर्माण काफी कठिन परिस्थितियों में किया गया था, जैसे की अलग-अलग पर्वतमालाओं और जलवायु की विविधताओं के बीच।

ऐतिहासिक अर्थ - यह अब चीन का ऐतिहासिक स्थल बन चुका है और पर्यटकों का एक प्रमुख आकर्षण है।

एकता का प्रतीक - चीनी दीवार एकता, दृढ़ता और शक्ति के प्रतीक के रूप में मानी जाती है, जिसमें समुदायों ने साथ मिलकर काम किया था।