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Jharkhand Mukhymantri Pashudhan Vikas yojana 2023 | झारखंड मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना

Jharkhand Mukhymantri Pashudhan Vikas yojana आपको बता दे की सरकार द्वारा किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए कई प्रकार की योजनाएं

Jharkhand Mukhymantri Pashudhan Vikas yojana 2023 | झारखंड मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना

 

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Jharkhand Mukhymantri Pashudhan Vikas yojana आपको बता दे की सरकार द्वारा किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए कई प्रकार की योजनाएं संचालित की जा रही है इन योजनाओं से किसानों को लाभ प्राप्त हो रही है इसके अलावा सरकार किसानों को खेती के साथ पशुपालन करने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है इसी क्रम में झारखंड सरकार द्वारा पशुपालन करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है जिसके लिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी ने मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना को शुरू किया है इस योजना के माध्यम से किसान भाइयों को दूध देने वाले पशु करने के लिए सब्सिडी प्रदान की जाएगी मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना झारखंड के तहत आवेदन कर दुधारू पशु को खरीद के लिए सब्सिडी प्राप्त कर किसान अपनी और जीविका का अतिरिक्त साधन प्राप्त कर सकते हैं आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना से संबंधित सभी जानकारी उपलब्ध कराएंगे इसलिए आप हमारे इस artical को अंत तक अवश्य पड़े।

Jharkhand Mukhymantri Pashudhan Vikas yojana
Jharkhand Mukhymantri Pashudhan Vikas yojana

पशुधन विकास योजना क्या है

 

Jharkhand Mukhymantri Pashudhan Vikas yojana आपकी जानकारी के लिए आपको बता दे की झारखंड मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देना और किसने की आई बढ़ाना है इस योजना के तहत राज्य सरकार किसानों को पशुपालन के लिए आवश्यक पशुओं उपकरणों और प्रशिक्षण प्रदान करती है इस योजना के माध्यम से पशुओं की खरीद पर सब्सिडी प्रदान की जाती है सब्सिडी की राशि पशु की प्रजाति और मूल्य के आधार पर अलग-अलग होती है जैसे की गाय की खरीद पर 50% सब्सिडी बकरी की खरीद पर 75% की सब्सिडी और मुर्गी की खरीद पर 90% की सब्सिडी प्रदान किया जाता है। पशुपालन के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद पर भी सब्सिडी प्रदान किया जाता है उदाहरण के लिए बकरी सेट बनाने के लिए 50%की सब्सिडी मुर्गी घर बनाने के लिए 75% की सब्सिडी और पशुओं के चारा उत्पादन के लिए 90% की सब्सिडी उपलब्ध कराया जाता है।

बता दे कि इस योजना के तहत पशुपालक के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है प्रशिक्षण में पशुपालन के बुनियादी सिद्धांतों पशुओं की स्वास्थ्य देखभाल और पशु उत्पादों के विपणन के बारे में भी जानकारी दी जाती है झारखंड मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना की लाभार्थी राज्य के सभी किसान विधवा और दिव्यांग है योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को अपने जिले के पशुपालन विभाग में आवेदन करना होता है।

 

झारखंड मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना का उद्देश्य

 

Jharkhand Mukhymantri Pashudhan Vikas yojana झारखंड राज्य में पशु उत्पादों जैसे दूध मांस एवं अंडा की उत्पादन में वृद्धि लाकर उनके मांग एवं उपयोगिता के बीच अंतर को कम करना।

ग्रामीण क्षेत्र में pasupalan  के माध्यम से स्वरोजगार सृजन तथा अतिरिक्त घरेलू आमदनी का सृजन।

इस योजना के तहत ग्रामीण पशुपालकों को इनकम में वृद्धि करना है।

 

Jharkhand Mukhymantri Pashudhan Vikas yojana योजना के लाभुक

 

ग्रामीण क्षेत्र इच्छुक लाभार्थियों को योजना का लाभ नियम अनुसार दिया जाएगा।

राज्य के अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति बीपीएल कोटी दिव्यांग कोटी श्वास सहायता समूह के सदस्य को प्राथमिकता के साथ दी जाएगी अन्य कोटि के लाभ को भी योजना का लाभ नियम अनुसार दिया जाएगा।

कल्याणकारी विभाग के द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अंतर्गत केवल अनुसूचित जनजाति वर्ग के लाभ को का चयन किया जाएगा एवं उक्त विभाग के आवंटित राशि से योजना का लाभ शत् % अनुदान पर देय होगा

अनुसूचित जनजाति को छोड़कर अन्य कोटि के लाभों को पशुपालन प्रभाव द्वारा जेलों में आवंटित राशि से योजना में निर्धारित अनुदान पर योजना का लाभ दिया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के लिए लाभुक चयन प्रक्रिया

 

Jharkhand Mukhymantri Pashudhan Vikas yojana बता दे कि गांव का चयन क्लस्टर के आधार पर किया जाता है।

 

सभी जिलों में योजनावर निर्धारित लग चुकी आलोक में गांव का चयन प्रखंड स्तरीय समिति एवं ककक अंतर्गत गठित शशि निकाय द्वारा जिला पशुपालन पदाधिकारी तथा जिला द्रव्य विकास पदाधिकारी की सहयोग से किया जाएगा।

चायनीत गांव के लाभों का चयन संबंधित ग्राम सभा द्वारा किया जाता है चयन प्रक्रिया में निम्न बातों का पालन करना अनिवार्य होता है।

चयनित लाभुक स्थानीय निवासी हो तथा चयनित लाभुक द्वारा इस संबंध में आवासीय प्रमाण पत्र एवं जाति प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है।

चयन प्रक्रिया में वैसे परिवार जो पशुपालन की गतिविधि से जुड़े वे है तूने प्राथमिकता दिया जाएगा।

चयन ki प्रक्रिया गांव के ग्राम सभा द्वारा लाभों का की सूची मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के अंतर्गत गठित प्रखंड स्तरीय समिति के माध्यम से जिला को भेजा जाएगा।

प्रखंड स्तरीय समिति से प्राप्त अनुसूचित जनजाति के लाभों की सूची अनुसूचित जिला में आईडीटी के अंतर्गत गठित शाशी निकाय की बैठक में स्वीकृत किया जाएगा।

मंत्री पशुधन विकास योजना के अंतर्गत अनुसूचित जिलों के गैर अनुसूचित जनजाति के लाभ को तथा गैर अनुसूचित जिलों के लाभों की सूची में प्रयुक्त की अध्यक्षता में विघटित जिला स्तरीय समिति से अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा।

 

झारखंड में आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम 24 नवंबर से

 

 

झारखण्ड मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत सहायता राशि

 

Jharkhand Mukhymantri Pashudhan Vikas yojana चयन प्रक्रिया योजना के तहत पशुपालकों को विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता प्रदान की जाती है, जिनमें शामिल हैं:

गौ पालन के लिए, पशु खरीदने के लिए 20,000 रुपये की सहायता, आवास निर्माण के लिए 10,000 रुपये की सहायता, चारा उत्पादन के लिए 5,000 रुपये की सहायता और स्वास्थ्य देखभाल के लिए 5,000 रुपये की सहायता।

बकरी पालन के लिए, पशु खरीदने के लिए 10,000 रुपये की सहायता, आवास निर्माण के लिए 5,000 रुपये की सहायता, चारा उत्पादन के लिए 2,500 रुपये की सहायता और स्वास्थ्य देखभाल के लिए 2,500 रुपये की सहायता।

सुकर पालन के लिए, पशु खरीदने के लिए 15,000 रुपये की सहायता, आवास निर्माण के लिए 7,500 रुपये की सहायता, चारा उत्पादन के लिए 3,750 रुपये की सहायता और स्वास्थ्य देखभाल के लिए 3,750 रुपये की सहायता।

कुक्कुट पालन के लिए, पशु खरीदने के लिए 5,000 रुपये की सहायता, आवास निर्माण के लिए 2,500 रुपये की सहायता, चारा उत्पादन के लिए 1,250 रुपये की सहायता और स्वास्थ्य देखभाल के लिए 1,250 रुपये की सहायता।

बत्तख पालन के लिए, पशु खरीदने के लिए 2,500 रुपये की सहायता, आवास निर्माण के लिए 1,250 रुपये की सहायता, चारा उत्पादन के लिए 625 रुपये की सहायता और स्वास्थ्य देखभाल के लिए 625 रुपये की सहायता।

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