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Jharkhand Breaking News: सीएम हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी की और अशंका क्या मुख्यमंत्री अरेस्ट हो सकते हैं जाने नियम

Jharkhand Breaking News: आपकी जानकारी के लिए आपको बता दे कि झारखंड में सियासी हलचल तेजी से हो रही है मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से रांची में ईडी की टीम पूछताछ कर रही है।

Jharkhand Breaking News: सीएम हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी की और अशंका क्या मुख्यमंत्री अरेस्ट हो सकते हैं जाने नियम

 

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Jharkhand Breaking News: आपकी जानकारी के लिए आपको बता दे कि झारखंड में सियासी हलचल तेजी से हो रही है मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से रांची में ईडी की टीम पूछताछ कर रही है। यह पूछताछ रांची के कथित जमीन घोटाले में मनि लॉटरी से जुड़े मामले में हो रही है इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी की आशंका भी जताई जा रही है ऐसे में जानते हैं कि क्या कम को गिरफ्तारी किया जा सकता है या नहीं और क्या गिरफ्तार होने पर पद से इस्तीफा देना जरूरी है या नहीं।

Jharkhand Breaking News: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत शरण से प्रवर्तन निदेशालय यानी कि ईडी की टीम पूछताछ कर रही है बुधवार को दोपहर 1:15 बजे ईडी की टीम रांची में स्थित उनके आवास पहुंच गई थी। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन रांची के कथित जमीन घोटाले में घिरे हुए हैं इस घोटाले में मनी लॉटरींग की जांच कर रही है। इस मामले में ईडी ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिन्हें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का गरीबी माना जाता है। ईडी अब तक सोरेन को 10 सामान जारी कर चुकी है इस मामले में उनसे कुछ दिन पहले भी कई घंटे तक पूछताछ दी थी सोमवार को ईडी की टीम दिल्ली स्थित उनके आवास पर भी पहुंची थी लेकिन वह वहां नहीं मिले थे। बता दे की एड की जांच में गिर चुके हेमंत सोरेन को लेकर अब दो तरह की और आशंका जताई जा रही है पहले यह कि उन्हें गिरफ्तार किया भी जा सकता है और दूसरा कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

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क्या है जमीन घोटाले का पूरा मामला

 

Jharkhand Breaking News: जमीन घोटाले के मामले में जांच एक सर्किल अधिकारी से शुरू हुई थी इसके बाद यह जांच आगे बड़ी और आश्वासन रजिस्टर कार्यालय तक पहुंची जिसे खुलासा हवा की फर्जी दस्तावेजों के कारण जमीन का फर्जी सौदा हुआ है और इसमें छोटे से बड़े कार्यालय के अधिकारी और बड़े-बड़े कारोबार भी शामिल है इन सबके तार आखिर में मुख्यमंत्री तक जुड़े रहे थे।

Jharkhand Breaking News: बता दे की या मामला सेवा की जमीन के सौदे से जुड़ा हुआ था फर्जी नाम और पते के आधार पर सेवा की जमीन की खरीद और बिक्री हुई इस मामले में रांची नगर निगम ने प्राथमिक की दर्ज करवाई थी और जांच शुरू की गई थी स्वयं को इस मामले में बार-बार समझा जारी किया जा रहा है जमील घोटाले के मामले में भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक अधिकारी छवि रंजन और दो व्यापारियों सहित 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया था छवि रंजन तब झारखंड के समाज कल्याण विभाग के निदेशक और रांची के उपयुक्त के रूप में कार्यरत थे।

 

अवैध खनन में धन शोधन मामला

 

Jharkhand Breaking News: जांच एजेंसी जमीन घोटाले के अलावा अवैध खनन में धन शोधन की जांच कर रही है एजेंसी ने इसके तहत स्वर्ण की मीडिया सलाहकार साहिबगंज जिले के अधिकारियों और एक पूर्व विधायक के परिसरों पर छापेमारी की थी ईडी ने साहिबगंज जिले मैं स्कूल 28 जगह पर छापेमारी की गई थी इस दौरान उसने दावा किया था कि कई अहम दस्तावेज और सबूत उसके हाथ लगे हैं एजेंसी में सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा के घर में 5 पॉइंट 31 करोड़ रुपए जप्त किए थे और बताया गया था कि उनके 27 बैंक खातों में 11 करोड रुपए जमा थे इसके बाद ईडी  ने पंकज मिश्रा को भी सामान जारी किया था और फिर पीएमएलए के तहत उनकी गिरफ्तारी की गई थी।

Jharkhand Breaking News: इसके बाद एजेंसी ने पीएमएलए अदालत में 16 सितंबर 2022 को आरोप पत्र दाखिल क्या इस आरोप पत्र में के पूर्व कोषाध्यक्ष रवि केजरीवाल का बयान भी दर्ज था मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मिश्राल संथाल परगना से पत्थर और रेट खनन से आने वाले पैसे को सीधे प्रेम प्रकाश को सौंपने को कहा था इसके बाद इस साल ईडी  ने प्रेम प्रकाश की 25 अगस्त को गिरफ्तारी की थी

 

इन मामला में गिरफ्तारी से नहीं है छूट

 

Jharkhand Breaking News: बता दे की संविधान के अनुच्छेद 361 में राष्ट्रपति और राज्यपाल को गिरफ्तारी से छूट मिली है यह छूट सिविल और क्रिमिनल दोनों ही मामलों में है।

राष्ट्रपति और राज्यपाल को पद पर रहते हुए ना तो गिरफ्तारी किया जा सकता है नहीं हिरासत में लिया जा सकता है कोई अदालत में भी उनके खिलाफ कोई आदेश जारी नहीं कर सकती है हालांकि पद से हटाने के बाद उन्हें गिरफ्तार या हिरासत में लिया जा सकता है।

अगर मुख्यमंत्री या विधानसभा के किसी सदस्य को गिरफ्तार या हिरासत में लेना है तो सदन के अध्यक्ष से मंजूरी लेना जरूरी है इसके अलावा सत्र से 40 दिन पहले उसे दौरान और उसके 40 दिन बाद तक ना तो किसी सदस्य को गिरफ्तार किया जा सकता है और ना ही हिरासत में लिया जा सकता है।

 

क्या मुख्यमंत्री को गिरफ्तारी नहीं किया जा सकता

 

Jharkhand Breaking News: बता दे की लाल यादव जब 1997 में गिरफ्तार किया गया था तब उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था दर्शन मार्च 1996 में पटना हाई कोर्ट ने चारा घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी जून 1997 में मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की इसमें लाल यादव का नाम भी था 40 सीट में नाम सामने आने के बाद लालू यादव ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था उनके बाद उनकी पत्नी राउडी देवी मुख्यमंत्री बनी थी।

संविधान में मुख्यमंत्री को सिर्फ सिविल मामले में गिरफ्तार से छूट मिली है लेकिन क्रिमिनल मामला में उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।

 

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जय ललिता तो हुई थी गिरफ्तार

 

बता दे कि तमिलनाडु की देवीगत मुख्यमंत्री जयललिता को साल 2014 में बेंगलुरु की एक कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी कराया था जय ललिता 2011 में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनी थी और जब तक इस मामले की जांच कर रही थी तब तक वह पद पर थी दूसरी धराई जाने के बाद ही उन्हें सीएम पद से इस्तीफा दे दिया गया था।

सब कुछ मिलाकर स्पष्ट होता है कि अगर किसी मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया भी जाता है तो वह इस्तीफा देने के लिए कानून वाद्य नहीं है मुख्यमंत्री तभी अपने पद से इस्तीफा दे सकता है जब उसे किसी क्रिमिनल मामले में दोषी हराया जाए।

1991 में जनप्रतिनिधि कानून की धारा 8 के तहत अगर किसी विधायक के सांसद को किसी मामले में 2 साल या उससे ज्यादा की सजा सुनाई जाती है तो तत्काल उनकी सदस्यता चली जाती है साथ ही उसके चुनाव लड़ने पर भी 6 साल तक की रोक लगाती है।

बेंगलुरु के कोर्ट जय ललिता को 4 साल की सजा सुनाई थी साथ ही एक अरब करोड का जुर्माना भी लगाया था बाद में कर्नाटक हाई कोर्ट ने इस फसलों को पलट दिया था लेकिन 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को निरस्त कर दिया था।

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